संभावनाओं से भरपूर

क्याआपको पता है कि आप जिस प्रोडक्ट को बाजार से खरीदते हैं, उसकी कीमत, उसको बनाने में लगे संसाधनों की कीमत व अन्य खर्चो को मिलाकर तय की जाती है। प्रोडक्ट की इसी कीमत को उसकी वास्तविक कीमत कहते हैं। दरअसल, इसी वास्तविक मूल्य के निर्धारण व प्रमाणन का काम कॉस्ट एकाउंटेंट्स करते हैं। हालांकि कॉस्ट एकाउंटेंट मुख्यत: उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले खर्चो का ऑडिट करता है। एक अच्छा कास्ट एकाउंटेंट बनने के लिए व्यापारिक नीति, अर्थशास्त्र, कॉमर्स, सांख्यिकी, गणित आदि विषय में रुचि जरूरी है।

पाठ्यक्रम : इंस्टीयूट ऑफ कॉस्ट एंड वर्क एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया, कॉस्ट एकाउंटेंट पाठ्यक्रम संचालित करता है। संस्थान का मुख्यालय कोलकाता में है और इसके दिल्ली, मुंबई, चेन्नई सहित चार क्षेत्रीय केंद्र हैं। इसके पाठयक्रम में निम्नलिखित चरण हैं :
1. फाउंडेशन : इसके अंतर्गत चार प्रश्नपत्रों की परीक्षा देनी होती है।
2. इंटरमीडिएट : इंटरमीडिएट पाठ्यक्रम के अंतर्गत आठ पेपर देने होते हैं। यह दो हिस्सों में बंटा है। पहले चरण में कॉस्ट मैनेजमेंट, आईटी बिजनेस, लॉ एवं बिजनेस टैक्सेशन तथा द्वितीय चरण में मैनेजमेंट एकाउंटिंग, फाइनेंस एकाउंटिंग, ऑडिट तथा क्वांटीटेटिव मेथड की परीक्षा होती है।
3. फाइनल : कॉस्ट एंड व‌र्क्स एकाउंटेंट पाठ्यक्रम के तीसरे भाग यानी फाइनल को स्टेज तीन व स्टेज चार में बांटा गया है। स्टेज तीन में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, इंटरनेशनल फाइनेंस, मार्केटिंग टैक्स मैनेजमेंट के पेपर पढ़ने होते हैं। स्टेज चार के अंतर्गत डिसीजन मेकिंग, मैनेजमेंट एकाउंटिंग, कॉस्ट ऑडिट और वैलुएशन मैनेजमेंट के प्रश्नपत्र पढ़ाए जाते हैं।

योग्यता : बारहवीं पास छात्रों को कॉस्ट एंड व‌र्क्स एकाउंटेंट के फाउंडेशन कोर्स में सीधे एडमिशन दिया जाता है। इसके लिए अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। स्नातक छात्रों को फाउंडेशन पाठ्यक्रम करने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्हें इंटरमीडिएट पाठयक्रम में सीधे दाखिला मिल जाता है।

आवेदन का समय : जो अभ्यर्थी पाठ्यक्रम में प्रवेश चाहते हैं, उनके लिए आवेदन प्रक्रिया जून में शुरू होती है। जिन अभ्यर्थियों ने दिसंबर माह में नामांकन करवाया है, वे अगले वर्ष जून में परीक्षा दे सकते हैं।

रोजगार अवसर : कॉस्ट एकाउंटेंट पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद सरकारी तथा गैर-सरकारी संस्थानों में बेहतर संभावनाएं हैं। बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भी कॉस्ट एकाउंटेंट रखे जाते हैं। भारत सरकार के विभिन्न संस्थान मूल्य निर्धारण व नीतियां बनाने के लिए इनकी सेवाएं लेते हैं। कॉस्ट एकाउंटेंट के लिए निजी कंपनियों में एकाउंटेंट, एकाउंट ऑफिसर, फाइनेंस मैनेजर, बिजनेस एडवाइजर, कॉस्ट एकाउंटेंट , एक्साइज ऑफिसर, इनकम टैक्स ऑफिसर आदि पदों पर नियुक्ति के भरपूर अवसर मिलते हैं। यहीं नहीं, यदि आप नौकरी न करना चाहें, तो स्वतंत्र रूप से भी बतौर कॉस्ट एंड व‌र्क्स एकाउंटेंट के रूप में काम कर सकते हैं। भारत में प्रशिक्षित कॉस्ट एंड व‌र्क्स एकाउंट प्रोफेशनल्स की डिमांड विदेशों में भी रहती है।
(यह आलेख जाने-माने कॉस्ट एकाउंटेंट रमाकांत एवं महाराजा अग्रेसन कॉलेज में कॉमर्स के प्रवक्ता वीके तोमर से बातचीत पर आधारित है।)

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