career in Gemology

आभूषण का महत्व भारतीय सभ्यता संस्कृति में शुरू से ही रहा है। बदलते जमाने के अनुसार इसके डिजाइन, रंग और रूप में भी बदलाव आए हैं। फैशन के इस दौर में सोना, चांदी, रत्न और विभिन्न तरह के धातुओं के मिश्रण से बने आभूषणों को पहनने का चलन बढ़ा है। साथ ही रोजगार की दृष्टि से रत्न और विभिन्न प्रकार के आभूषण विदेशी मुद्रा अर्जित करने का सबसे बड़ा श्रोत भी बन गया है। भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी विभिन्न प्रकार के पत्थर और हीरों के प्रति लोगों का विशेष आकर्षण देखा जा सकता है। इसलिए रत्नों की जांच पड़ताल और विभिन्न तरह के डिजाइनों वाले गहने बनाने की मांग बढ़ी है।

जेमोलॉजी यानी रत्न विज्ञान के अंतर्गत कीमती पत्थरों के विभिन्न किस्मों की जानकारी दी जाती है। इसके अंतर्गत पत्थरों को छांटने, किस्म पहचानने, तराशने, चमकदार बनाने तथा उसकी बिक्री बढ़ाने के बारे में भी बताया जाता है। जेमोलॉजिस्ट अपनी उत्कृष्ट कल्पना शक्ति तथा कला-कौशल से रंगीन पत्थर को चमकदार बनाकर लोगों को आकर्षित करता है।भारतीय संस्कृति में ज्योतिष आम जनमानस में इतनी गहरी पैठ बन चुका है कि लोग ग्रह और नक्षत्रों को शांत करने के लिए विभिन्न तरह के रत्न या पत्थरों को धारण करते हैं।

रत्न विज्ञान के अनुसार विभिन्न प्रकार के रत्नों या पत्थरों से अलग-अलग तरह की तरंगें निकलती हैं जो हमारे शरीर पर विभिन्न तरह से प्रभाव डालती हैं। यही कारण है कि रत्न एवं आभूषणों के उत्कृष्ट व्यवसाय की तरफ सरकार भी ध्यान दे रही है।

विषय की प्रकृति- जेमोलॉजी के विभिन्न पाठयक्रमों के अंतर्गत मणियों का वर्गीकरण, काटने, तराशने, पॉलिश करने, भार रिकार्ड करने, आकार चयन, डिजाइनों का अध्ययन व मणियों का विभिन्न धातुओं के संयोग से ग्रह-नक्षत्र पर प्रभाव का अध्ययन होता है।

पाठयक्रम – देश के विभिन्न संस्थानों में अलग-अलग तरह के पाठयक्रम उपलब्ध हैं। रत्न एवं ज्वैलरी डिजाइन से संबंधित पाठ्यक्रम ज्वैलरी एंड डिजाइन टेक्नोलॉजी, जेमोलाजी, फिनिशिंग, मार्केट रिसर्च तथा हीरा एवं रंगीन पत्थर के कटिंग व पालिशिंग से संबंधित पाठ्यक्रम विभिन्न संस्थानों द्वारा कराए जाते हैं। एसेसरीज एवं ज्वैलरी डिजाइन के तीन वर्षीय पूर्णकालिक डिप्लोमा प्रोग्राम भी कुछ संस्थानों द्वारा होता है।

अवधि-जेमोलॉजी के अंतर्गत विभिन्न तरह के पाठयक्रम की अवधि भी अलग-अलग होती है। देश के विभिन्न संस्थानों में उपलब्ध पाठयक्रमों की अवधि दो सप्ताह से लेकर तीन वर्ष तक की है। डिप्लोमा कोर्स जहां तीन वर्ष का होता है, वहीं सर्टिफिकेट कोर्स की अवधि एक वर्ष की है। कई संस्थानों में छह माह का भी सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध है। मुंबई स्थित जेमोलॉजी इंस्टीटयूट आफ इंडिया में कई तरह के अल्पकालिक पाठयक्रम उपलब्ध हैं, जिनकी अवधि दो सप्ताह से लेकर चार सप्ताह तक है।

प्रवेश प्रक्रिया- इससे संबंधित पाठयक्रमों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों की न्यूनतम योग्यता 10+2 है। संस्थानों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी को गणित, अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान के अलावा ड्राइंग की परीक्षा ली जाती है।

संभावनाएं : रत्न विशेषज्ञों की मांग को देखते हुए इस क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। देश ही नहीं विदेशों में भी रत्न विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही हैं। प्रशिक्षण प्राप्त लोग ज्वैलरी फर्म या एक्सपोर्ट हाउस में क्राफ्टपर्सन के रूप में कार्य कर सकते हैं। भारत ही नहीं विदेशों में भी स्वतंत्र रूप से कार्य करने वाले ज्वैलरी डिजाइनर की मांग बढ़ी है।
इतना ही नहीं विभिन्न प्रकार के सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं में जेम रिर्सचर, जेम ग्राइंडर्स, जेम पालिशर, ज्वैलरी सेटर्स व डिजाइनर की मांग है। इस विषय के जानकार यदि किसी संस्थान में नौकरी करने के इच्छुक नहीं हैं तो स्वतंत्र व्यवसाय कर सकते हैं।

संस्थान
इंडियन इंस्टीटयूट आफ जेम्स एंड ज्वैलरी, बागमल लक्ष्मीचंद पारिख कैंपस, प्लांट न.- ढ्ढढ्ढढ्ढ/2, एमआईडीसी, अंधेरी (पूर्व), मुंबई फोन: 022-28263504, 28263505, वेबसाइट : iigj.org
ज्वैलरी डिजाइन एंड ट्रेनिंग इंस्टीटयूट, सी-21बी, डीएलएफ, सुपर पार्ट वन, डीएलएफ सिटी, फेज-4, गुड़गांव (हरियाणा) फोन: 95124-5046750, 5046751 ई-मेल: silvarsm@vsnl.com
भारतीय रत्न विज्ञान संस्थान, एफ ब्लॉक, झंडेवालन, फ्लेटेड कांप्लेक्स, रानी झांसी मार्ग, नई दिल्ली-110055
ज्वैलरी डिजाइन एंड ट्रेनिंग इंस्टीटयूट, एफ-11, साउथ एक्सटेंशन, पार्ट-वन, नई दिल्ली-110049 फोन: 011-30941353, 30941354
ज्वैलरी डिजाइन एंड ट्रेनिंग इंस्टीटयूट, ए-89, सेक्टर-2, नोएडा (उत्तरप्रदेश), फोन: 0120-2540571, 2540572
जेमोलॉजी इंस्टीटयूट आफ इंडिया, 29 गुरुकुल चैंबर्स, 187-189, मुंबा देवी रोड, मुंबई-400002
इंडियन जेमोलॉजी इंस्टीटयूट, दसवीं मंजिल, निर्मल टावर, 26, बाराखंभा रोड, नई दिल्ली-110001
इंडियन डायमंड इंस्टीटयूट, समूल डेयरी रोड, कटार ग्राम, जीआईडीसी, पोस्ट बॉक्स नं. 50, सूरत, गुजरात – 395008
जेडी इंस्टीटयूट आफ फैशन टेक्नोलॉजी, हौज खास, नई दिल्ली फोन: 011-26964151, 26856457 ई-मेल: jdinstitute@mantra online.com
एपीजे इंस्टीटयूट आफ डिजाइन, महरौली रोड, नई दिल्ली
एचजी. झावेरी सेंटर फार डायमंड टेक्नोलॉजी, इरला जुहू रोड, विले पार्ले (वेस्ट), मुंबई – 400056
साउथ दिल्ली पॉलिटेक्निक फॉर वूमेन, लाजपत नगर, नई दिल्ली-49, फोन: 011-24624049, 24699855 ईमेल: intrply@ndo.vsnl.net.in
नेशनल इंस्टीटयूट आफ फैशन टेक्नोलॉजी, हौज खास, नियर गुलमोहर पार्क, नई दिल्ली- फोन: 011-26965080, 26965059 ईमेल admission@nifindia.com

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